
स्वारघाट (बिलासपुर)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बैहल के दसवीं कक्षा के नतीजे से अभिभावकों में खासी नाराजगी है। स्कूल का परिणाम इतना खराब रहा है कि यहां पर कुल 156 विद्यार्थियों में से महज 16 विद्यार्थी ही पास हो पाए हैं। वहीं गणित विषय के दो-दो शिक्षक होने के बावजूद 78 विद्यार्थियों की कंपार्टमेंट आई है। इससे खफा अभिभावकों ने शिक्षा विभाग से इसका संज्ञान लेने के साथ ही शिक्षकों की जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार बैहल स्कूल में कुल 156 बच्चों ने दसवीं कक्षा की परीक्षा दी थी। इनमें से महज 16 विद्यार्थी उत्तीर्ण हो पाए, जबकि 62 फेल हुए हैं। वहीं 78 विद्यार्थियों की गणित विषय में कंपार्टमेंट आई है। इस खराब परीक्षा परिणाम से स्तब्ध अभिभावकों ने अध्यापकों को आड़े हाथों लिया है। बैहल पंचायत प्रधान कुलविंदर कौर, उपप्रधान रामकुमार, बीडीसी सदस्य मान सिंह धीमान तथा वार्ड मेंबर सरवणी देवी, बबली व बाबा ज्ञानचंद के साथ ही स्थानीय लोगों गीताराम ठाकुर, रणजीत सिंह ठाकुर व बालकृष्ण शर्मा का कहना है कि इससे तो अच्छा रहता कि बच्चे स्कूल जाने के बजाए घर में बैठकर खुद ही पढ़ाई करते। खराब परिणाम से अध्यापकों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
उधर, बैहल स्कूल के प्रधानाचार्य दयाल सिंह ने कहा कि शिक्षक अपना दायित्व सही ढंग से निभाते हैं। अलबत्ता, कभी उनकी ड्यूटी मतदाता सूचियां बनाने, कभी इलेक्शन तो कभी अन्य कार्यों में लगाई जाती रहती है। ऐसे में अध्यापकों पर डाला जाने वाला अतिरिक्त बोझ भी खराब परिणाम का एक कारण हो सकता है।
